गंगा में समाई कार के लापता यात्रियों की तलाश जारी, घायल बालक आयुष्मान को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद गंगा नदी में डूबी कार से लापता तीर्थयात्रियों की तलाश तीसरे दिन भी जारी रही। इससे पहले राहत एवं बचाव दल नदी से चार शव बरामद कर चुका है, जबकि अभी भी तीन महिलाओं का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
थाना प्रभारी प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम गंगा नदी में लापता गुड्डी देवी, जाह्नवी और नम्रता की लगातार तलाश कर रही है। सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है और संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय आयुष्मान की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। बेस अस्पताल में दो दिनों तक चले गहन उपचार के बाद बच्चे को होश आ गया है। हालांकि वह अभी स्पष्ट रूप से बोल नहीं पा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार आयुष्मान को सिर, छाती, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। उसके पैर, थाई, कूल्हे और कंधे में फ्रैक्चर भी पाया गया है। हादसे के बाद उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी।
उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया। होश में आने के बाद आयुष्मान अपने पिता से इशारों में बातचीत करने लगा, जिससे परिजनों को बड़ी राहत मिली।
बेहतर इलाज के लिए परिजनों के अनुरोध पर गुरुवार को प्रशासन की सहायता से आयुष्मान को हेली सेवा के माध्यम से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। बेस अस्पताल के आईसीयू नर्सिंग इंचार्ज विवेक त्यागी ने बताया कि डॉक्टरों की सतत निगरानी और समय पर उपचार के चलते बच्चे की स्थिति अब स्थिर है।
फिलहाल एक ओर जहां लापता महिलाओं की तलाश जारी है, वहीं घायल बालक के स्वास्थ्य में सुधार की खबर से परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली है।

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