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हरिद्वार में वेज बिरयानी के खिलाफ अभियान, दुकानों पर लगाए गए ‘वेज पुलाव’ के पोस्टर

हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ के खिलाफ अभियान, ठेलों पर चिपकाए ‘वेज पुलाव’ के पोस्टर

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने ‘वेज बिरयानी’ शब्द के विरोध में जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले चरण में अखाड़े के कार्यकर्ताओं ने देवपुरा चौक और तुलसी चौक के आसपास वेज बिरयानी के नाम से संचालित ठेलों और दुकानों पर ‘वेज पुलाव’ के पोस्टर चिपकाए तथा दुकानदारों से नाम बदलने की अपील की।

अभियान का नेतृत्व अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने किया। इस दौरान जूना अखाड़े के संत स्वामी कार्तिक गिरी, कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री सहित कई संत और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों से संवाद करते हुए धार्मिक नगरी की गरिमा और नगर निगम के नियमों के अनुरूप खाद्य पदार्थों के नाम लिखने का आग्रह किया।

पंडित अधीर कौशिक ने बताया कि संगठन को लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। उनका कहना है कि ‘बिरयानी’ शब्द मूल रूप से मांसाहारी व्यंजन से जुड़ा माना जाता है, जबकि कई स्थानों पर वेज पुलाव को ‘वेज बिरयानी’ के नाम से बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी है और इसकी धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

व्यापार नहीं, नामकरण पर है आपत्ति

कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि संत समाज किसी के रोजगार या व्यापार के खिलाफ नहीं है। उनकी आपत्ति केवल खाद्य पदार्थों के नामकरण को लेकर है। उन्होंने दुकानदारों से वेज बिरयानी की जगह वेज पुलाव लिखने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस विषय पर लंबे समय से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन अपेक्षित बदलाव न होने पर अब सीधे संवाद का रास्ता अपनाया गया है।

वहीं, जूना अखाड़े के संत स्वामी कार्तिक गिरी ने कहा कि सभी को व्यापार करने का अधिकार है, लेकिन धार्मिक नगरी में खाद्य पदार्थों के नामकरण को लेकर संवेदनशीलता बरतना आवश्यक है। साथ ही नगर निगम के नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

ऑनलाइन नॉनवेज और नशे की डिलीवरी पर प्रतिबंध की मांग

अखंड परशुराम अखाड़े के पदाधिकारियों ने 6 जून को निरंजनी अखाड़ा पहुंचकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी से मुलाकात की। इस दौरान हरिद्वार में नशे और नॉनवेज की ऑनलाइन डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई गई।

पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और नशे व नॉनवेज की ऑनलाइन डिलीवरी से धर्मनगरी की मर्यादा प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से ऐसी सेवाएं देने वाली कंपनियों पर रोक लगाने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।