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महंगे फलों ने बिगाड़ा घर का बजट, बाजारों में ग्राहकी घटी

महंगे फलों ने बिगाड़ा घर का बजट, बाजारों में ग्राहकी घटी

फलों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। पिछले सीजन की तुलना में इस बार सेब, नाशपाती, अनार, मौसमी, लीची और अन्य फलों के दामों में सवा से डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महंगाई के इस दौर में फलों की ऊंची कीमतों के कारण लोग खरीदारी से दूरी बनाने लगे हैं, जिसका असर स्थानीय बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है।

फल विक्रेताओं का कहना है कि मंडियों से ही फलों के दाम बढ़कर आ रहे हैं, जिसके चलते खुदरा बाजार में भी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई ग्राहक फल खरीदने से परहेज कर रहे हैं और दाम सुनकर बिना खरीदारी किए लौट जा रहे हैं।

बाजार में इस समय लोकल सेब 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि विदेशी लाल सेब 400 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत पर उपलब्ध है। केले 70 रुपये प्रति दर्जन तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा आम, लीची, अनार और अंगूर जैसे फलों के दामों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है।

व्यापारियों के अनुसार ग्राहकी कम होने से उनकी बिक्री प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यदि कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो फलों की मांग में और गिरावट आ सकती है, जिससे कारोबार पर भी असर पड़ेगा।

एक ओर जहां लोग स्वास्थ्य के लिए फलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ती कीमतें उनकी पहुंच से फल दूर करती जा रही हैं। ऐसे में महंगे फलों ने आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।