35 लाख की दवा, करोड़ों का खेल! STF ने पकड़ा प्रतिबंधित कैप्सूल तस्करी का बड़ा नेटवर्क
उत्तराखंड में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ और एएनटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में मुजफ्फरनगर स्थित श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर के संचालक सचिन मनिहाल को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह उत्तराखंड में प्रतिबंधित MZ कैप्सूल की अवैध सप्लाई कर रहा था और उन्हें तय कीमत से कई गुना अधिक दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 मई को हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र से 18 हजार प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए। इस बरामदगी के बाद दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले की जांच में तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुजफ्फरनगर तक पहुंची।
जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न दवा कंपनियों से बड़ी मात्रा में कैप्सूल खरीदकर उन्हें देहरादून और हरिद्वार क्षेत्र में सक्रिय नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई करता था। एसटीएफ को जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चला कि जनवरी से मई 2026 के बीच केवल एक दवा कंपनी को ही करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित दवाओं का यह कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंच चुका था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने प्रतिबंधित कैप्सूलों की खरीद और सप्लाई की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर नेटवर्क के संचालन में किया जा रहा था।
फिलहाल एसटीएफ आरोपी की आय के स्रोतों और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच कर रही है। साथ ही नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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