सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 अगस्त को बनेंगे 4 दुर्लभ शुभ संयोग
सावन के दूसरे सोमवार को चीन सीमा से लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तड़के से ही मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
वहीं, इस बार सावन शिवरात्रि भी बेहद खास मानी जा रही है। 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन चार विशेष शुभ संयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मंगलवार को चंद्रमा के कर्क राशि में प्रवेश करने से ये दुर्लभ संयोग बनेंगे, जिससे शिव आराधना का महत्व और बढ़ जाएगा।
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान भोलेनाथ की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सावन शिवरात्रि पर दिन और रात दोनों समय भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। खासतौर पर रात के चारों पहर में शिवलिंग पर जल चढ़ाना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। इसी दिन कांवड़िए भी गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
नारायण ज्योतिष संस्थान के आचार्य विकास जोशी के अनुसार, 11 अगस्त को कर्क राशि में चंद्रमा के प्रवेश के कारण चार दुर्लभ राजयोग बनने की बात कही जा रही है, जिसके चलते यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

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