Bagchhat

आपके मन को कर दे बगछट

मरम्मत के लिए पूरी तरह बंद हुआ रामझूला पुल, दिसंबर तक आवाजाही बहाल करने का लक्ष्य

मरम्मत के लिए पूरी तरह बंद हुआ रामझूला पुल, दिसंबर तक आवाजाही बहाल करने का लक्ष्य

ऋषिकेश: लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) नरेंद्र नगर ने ऐतिहासिक रामझूला पुल को व्यापक मरम्मत कार्य के चलते आम आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। विभाग का कहना है कि दिसंबर माह के अंत तक मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को दोबारा जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

रामझूला पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इसे प्रदेश के असुरक्षित पुलों की सूची में भी शामिल किया गया था। शासन से करीब ₹10 करोड़ की स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने इसके पुनर्वास का कार्य शुरू किया।

विभाग के अनुसार, गंगा नदी के भीतर स्थित पुल के 20 पाइलों (पायों) की मरम्मत के साथ 440 सस्पेंडर वायर बदले जा रहे हैं। वर्ष 1985 में निर्मित यह 220 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा सस्पेंशन पुल मुनि की रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है।

रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही 17 अगस्त 2023 को भारी बारिश और गंगा के उफान के कारण सहायक तारों के क्षतिग्रस्त होने और पुल में दरारें आने के बाद पूरी तरह बंद कर दी गई थी। इससे पहले भी जुलाई 2019 में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से दोपहिया वाहनों के संचालन पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।

वहीं, 13 जुलाई 2019 को सुरक्षा कारणों से लक्ष्मणझूला पुल बंद होने के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों का पूरा दबाव रामझूला और जानकी सेतु पर आ गया था। इससे रामझूला पुल पर आवागमन का भार काफी बढ़ गया, जिसके चलते इसकी स्थिति और अधिक प्रभावित हुई।

लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है और यदि कार्य निर्धारित समय पर पूरा हुआ तो दिसंबर 2026 तक रामझूला पुल को दोबारा आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।