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उत्तराखंड में बारिश का कहर: 132 सड़कें बंद, गंगा चेतावनी निशान से ऊपर

उत्तराखंड में बारिश का कहर: 132 सड़कें बंद, गंगा चेतावनी निशान से ऊपर

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सात अगस्त को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज से अत्यंत तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

लगातार बारिश के चलते प्रदेश में भूस्खलन और भूधंसाव के कारण 132 सड़कें बंद हैं। इनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग, चार स्टेट हाईवे और एक मुख्य जिला मार्ग समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। चमोली में 24, पौड़ी में 17, टिहरी में 16, उत्तरकाशी में 15 और पिथौरागढ़ में 18 मार्ग बाधित हैं। लोक निर्माण विभाग बंद सड़कों को खोलने में जुटा है।

गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर

बारिश के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार में गंगा चेतावनी निशान 293 मीटर से ऊपर बह रही है। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे जलस्तर 293.30 मीटर दर्ज किया गया। खानपुर में भी गंगा चेतावनी रेखा पार कर गई है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है।

ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.90 मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी रेखा से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। बढ़ते जलस्तर के चलते त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। ढालवाला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में भी दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें बंद कर दी हैं।

प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को गहरे पानी में न जाने और नदी किनारे सेल्फी लेने से बचने की अपील की जा रही है। गंगा किनारे स्थित सरकारी और निजी स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है।

नदियों का जलस्तर बढ़ा

रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के बेहद करीब पहुंच गया है। चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदी चेतावनी स्तर के करीब हैं। पिथौरागढ़ में काली नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जबकि गोरी और सरयू नदी भी खतरे के करीब पहुंच गई हैं।

डैम-बैराज से पानी छोड़ने पर अलर्ट के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। डैम और बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के लोगों को पहले से सूचना देने और जरूरत पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी अलर्ट करने को कहा गया है।

गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बार-बार बंद

उत्तरकाशी में लगातार बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। कई जगह यात्रियों और कांवड़ियों को जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करना पड़ा। जिले की 13 सड़कें अभी भी बाधित हैं।

उत्तराखंड में लगातार बारिश, बढ़ता नदियों का जलस्तर और बंद होते सड़क मार्ग प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।