हल्द्वानी के KVM स्कूल में भीषण आग: दो बसें और जनरेटर जलकर राख, फायर सेफ्टी पर उठे बड़े सवाल
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर के हीरानगर स्थित KVM स्कूल में मंगलवार शाम भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग के पहुंचने से पहले स्कूल की दो बसें और एक जनरेटर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घटना के दौरान पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया, जो कई किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दूसरी बस भी चपेट में आई
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 6:40 बजे स्कूल परिसर में खड़ी एक बस को नियमित प्रक्रिया के तहत स्टार्ट किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट होने से बस में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पास में खड़ी दूसरी बस और जनरेटर को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग की लपटें स्कूल भवन तक पहुंच गईं और ग्राउंड फ्लोर के कमरों की ओर फैलने लगीं। इस दौरान कुछ धमाकों जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
दमकल की तीन गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की तीन गाड़ियां शाम 7:08 बजे मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद आग पर काबू पाया गया। मौके पर एसपी सिटी जगदीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और सीओ सिटी अमित कुमार सैनी भी पुलिस बल के साथ पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
समय पर पहुंचती दमकल तो बच सकती थी दूसरी बस
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब आग लगने की सूचना दी गई थी, तब केवल एक बस आग की चपेट में थी। लेकिन दमकल के पहुंचने में हुई देरी के दौरान दूसरी बस और जनरेटर भी आग की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाते तो नुकसान कम हो सकता था।
संकरी गलियां बनीं राहत कार्य में बाधा
स्कूल के पीछे वाले हिस्से तक पहुंचने के लिए हीरानगर और नहर कवरिंग रोड की ओर से रास्ता है, जिसकी चौड़ाई लगभग 17 से 20 फुट बताई जा रही है। संकरी सड़क और भीड़भाड़ के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हुई। राहत कार्य के दौरान कुछ समय के लिए नहर कवरिंग रोड पर यातायात भी रोकना पड़ा।
करीब 30 लाख रुपये का नुकसान
सीओ सिटी अमित कुमार सैनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बसों को स्टार्ट करते समय हुए शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। इस अग्निकांड में करीब 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि नुकसान के सटीक आकलन और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के लिए फायर विभाग द्वारा ऑडिट कराया जाएगा।
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल
रिहायशी इलाके में स्थित स्कूल में लगी आग ने शहर के स्कूलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्द्वानी के कई स्कूल घनी आबादी और संकरी गलियों के बीच संचालित हो रहे हैं। नैनीताल रोड, मुखानी, कुसुमखेड़ा, बनभूलपुरा और बाजार क्षेत्र सहित शहर में 150 से अधिक छोटे-बड़े स्कूल मौजूद हैं।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में नियमित फायर ऑडिट, आपातकालीन निकासी मार्ग और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
सभी सरकारी स्कूलों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
मुख्य शिक्षाधिकारी नैनीताल गोविंद राम जायसवाल ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जिले के सभी सरकारी स्कूलों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
बड़ा सवाल
हल्द्वानी के इस अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या घनी आबादी और संकरी गलियों में संचालित स्कूल किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं? प्रशासनिक जांच और फायर ऑडिट के बाद ही इसका स्पष्ट जवाब सामने आ सकेगा।

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