कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे पर बड़ा भूस्खलन, सड़क पर मलबा-बोल्डर गिरने से यातायात ठप
कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह बड़ा भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बैनीताल जाने वाले मार्ग के समीप सिरोली के पास सुबह करीब 7:55 बजे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे।
मलबा सड़क पर आने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हाईवे बंद होने से दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और मार्ग पर सतर्कता के साथ आवाजाही करने की अपील की है।

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बिटकॉइन में मोटे मुनाफे का झांसा, 13.35 लाख की ठगी! वेबसाइट पर दिखाए 20 हजार डॉलर, निकासी के वक्त खुला राज देहरादून से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिटकॉइन कारोबार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक व्यक्ति से 13 लाख 35 हजार 323 रुपये की ठगी कर ली गई। मामला डालनवाला थाना क्षेत्र का है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्तिक अग्रवाल और आईएमटी मार्केट डॉट कॉम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के मुताबिक, जून 2026 में उनके मोबाइल पर कार्तिक अग्रवाल नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बिटकॉइन कारोबार करने वाली कंपनी का कर्मचारी बताया और दावा किया कि 10 हजार डॉलर के निवेश पर रोजाना 300 से 500 डॉलर तक का मुनाफा कमाया जा सकता है। मुनाफे के इस लालच में पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों के जरिए कुल 13 लाख 35 हजार 323 रुपये आईएमटी मार्केट डॉट कॉम से जुड़े खातों में जमा कर दिए। आरोप है कि भुगतान के बाद पीड़ित से रकम की रसीद या स्क्रीनशॉट वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा जाता था। इसके बाद जमा की गई रकम उसके ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट में दिखाई देने लगती थी। कुछ समय बाद वेबसाइट पर पीड़ित के खाते में करीब 20 हजार डॉलर की रकम दिखाई गई। लेकिन जब उन्होंने इस रकम को निकालने की कोशिश की, तो वेबसाइट ने निकासी की अनुमति नहीं दी। यहीं से पीड़ित को पूरे मामले पर शक हुआ और उन्हें कथित ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने कार्तिक अग्रवाल से बातचीत की और इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है। अब डालनवाला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ऑनलाइन निवेश के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और बैंक खातों के जरिए भेजी गई रकम आखिर कहां गई। साइबर ठगी के इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि ऑनलाइन निवेश में असामान्य और रोजाना भारी मुनाफे का दावा करने वाले ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करना कितना जरूरी है।