हरिद्वार में मानकों से बड़े DJ-कांवड़ पर रोक, बॉर्डर से लौटाए वाहन; डाक कांवड़ को लेकर अगले 4 दिन चुनौतीपूर्ण
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मानकों के विपरीत डीजे और कांवड़ लेकर पहुंच रहे वाहनों पर पुलिस-प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर निर्धारित आकार से बड़े डीजे और कांवड़ को हरिद्वार में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ऐसे वाहनों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है।
प्रशासन के मुताबिक, 10 फीट से अधिक चौड़ाई और 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले डीजे और कांवड़ को किसी भी स्थिति में जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लागू की गई है।
प्रशासन ने कांवड़ियों और आयोजकों से निर्धारित मानकों और जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।
पंचक खत्म, अब डाक कांवड़ का जोर
पंचक समाप्त होने के बाद हरिद्वार में डाक कांवड़ यात्रियों की आमद तेजी से बढ़ने लगी है। अलग-अलग राज्यों से शिवभक्त डाक कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंच रहे हैं। बैरागी कैंप समेत शहर के कई हिस्सों में डाक कांवड़ के वाहन नजर आने लगे हैं।
कांवड़ मेले के शुरुआती दिनों में जहां पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक थी, वहीं अब डाक कांवड़ का दौर शुरू हो गया है। गंगाजल लेकर श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
अगले चार दिन पुलिस-प्रशासन की असली परीक्षा
डाक कांवड़ वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया है।
हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक अगले चार दिन बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन ने डाक कांवड़ वाहनों के प्रवेश और निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, डाक कांवड़ वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

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