उत्तराखंड बना आस्था का सबसे बड़ा केंद्र! चारधाम से कैंची धाम तक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़
उत्तराखंड में आस्था का उत्साह लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। चारधाम यात्रा के साथ-साथ राज्य के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक मंदिरों में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अब तक चारधाम यात्रा में 45.84 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं जागेश्वर और त्रियुगीनारायण मंदिरों में पिछले वर्ष की तुलना में करीब ढाई गुना अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि धारी देवी और पूर्णागिरि धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या में डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
जनवरी से जून के बीच जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या केवल 67 हजार से कुछ अधिक थी। पूर्णागिरि धाम में 20.91 लाख और धारी देवी मंदिर में 5.42 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
त्रियुगीनारायण मंदिर में भी इस वर्ष 3.40 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हैं। वहीं कैंची धाम ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए जनवरी से जून तक 24.34 लाख श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
कठिन यात्रा मार्ग के बावजूद यमुनोत्री धाम ने भी नया इतिहास रच दिया है। 2 अगस्त तक यहां 6.55 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो धाम के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
उधर आदि कैलाश धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मात्र दो महीनों में 52 हजार से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचे। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश यात्रा के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ा है।
राज्य सरकार का कहना है कि उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए प्राचीन मंदिरों का संरक्षण, पर्यटन सर्किट का विस्तार और तीर्थस्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है।

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