🌧️ ऋषिकेश में मूसलाधार बारिश से गंगा उफान पर, चेतावनी रेखा के बेहद करीब पहुंचा जलस्तर
ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा हुआ है। गंगा 338.80 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो चेतावनी रेखा से महज 0.7 सेमी नीचे है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने चंद्रभागा और मायाकुंड जैसी निचली बस्तियों में अलर्ट जारी किया है।
तटीय इलाकों और स्नान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें 24 घंटे निगरानी पर तैनात हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से उफनती गंगा तथा अन्य नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
🚧 जलभराव और मलबे से यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के कारण शहर के कई आंतरिक मार्गों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी आवाजाही बाधित रही। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में तेज बारिश की संभावना जताई है, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
हालांकि दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप दिखाई दी, लेकिन बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर साफ नजर आया।
🛍️ बाजारों में सन्नाटा, कारोबार पर पड़ा असर
लगातार बारिश का असर तीर्थनगरी के कारोबार पर भी देखने को मिला। मुख्य बाजारों में दुकानों के शटर खुले रहे, लेकिन ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम रही। व्यापारी पवन शर्मा के अनुसार, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
इसका असर कपड़ा बाजार, दैनिक जरूरतों की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ा। कई दुकानदारों को दिनभर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ा, जिससे लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित होने की बात कही जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि मौसम का यही रुख जारी रहा तो आने वाले दिनों में कारोबार को और नुकसान हो सकता है।

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