वसुधारा ट्रैक होगा प्लास्टिक मुक्त: माणा गांव की EDC संभालेगी सफाई और संरक्षण की जिम्मेदारी
देश के प्रथम गांव माणा से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल वसुधारा ट्रैक को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इस ट्रैक की साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी माणा गांव की इको डेवलपमेंट कमेटी (EDC) को सौंपी जाएगी।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने बढ़ते प्लास्टिक कचरे और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए यह फैसला लिया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल ट्रैक को स्वच्छ रखना है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराना है।
चारधाम यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु वसुधारा जलप्रपात के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन ट्रैक पर फैली प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के रैपर और अन्य कचरा प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंचा रहा है। तेज हवाओं के कारण यह कचरा आसपास के बुग्यालों तक फैल जाता है, जिससे हिमालय की संवेदनशील जैव विविधता पर भी खतरा बढ़ रहा है।
वसुधारा पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना है कि इतने पवित्र और प्राकृतिक स्थल पर प्लास्टिक कचरे का बिखरा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर इस क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी पर पड़ सकता है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु के अनुसार, स्थानीय समुदाय की भागीदारी से गठित होने वाली EDC नियमित सफाई अभियान चलाएगी और प्लास्टिक कचरे पर प्रभावी नियंत्रण करेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और वसुधारा ट्रैक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बन सकेगा।

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