Bagchhat

आपके मन को कर दे बगछट

केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर गिरे पत्थर, घोड़ा संचालक गंभीर घायल; चीरबासा में रेस्क्यू टीमें तैनात

केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर गिरे पत्थर, घोड़ा संचालक गंभीर घायल; चीरबासा में रेस्क्यू टीमें तैनात

केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से एक घोड़ा संचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर हुई। घायल की पहचान 19 वर्षीय आसू पुत्र चौहान सिंह, निवासी सिलकोट, गैरसैंण के रूप में हुई है।

पत्थर गिरने की सूचना मिलते ही डीडीआरएफ, वाईएमएफ और आपदा मित्र की टीम मौके पर पहुंची और घायल को रेस्क्यू कर गौरीकुंड अस्पताल पहुंचाया।

घटना के बाद चीरबासा क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि पहाड़ी की संवेदनशीलता को देखते हुए निगरानी के लिए रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं।

रविवार देर शाम तक खराब मौसम और लगातार पत्थर गिरने के कारण पैदल मार्ग पर आवाजाही बाधित रही। केदारनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षा के मद्देनजर अलग-अलग पड़ावों पर रोक दिया गया था।

सोमवार सुबह मौसम अनुकूल होने और पत्थर गिरने की स्थिति थमने के बाद सुरक्षा मानकों के तहत श्रद्धालुओं को चीरबासा के बाधित हिस्से से सुरक्षित पार कराया जा रहा है। मौके पर एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ, आपदा मित्र और पुलिस की टीमें तैनात हैं।

श्रद्धालुओं के सुरक्षित पार होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने मार्ग पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल सोनप्रयाग में केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को रोका गया है। मार्ग पूरी तरह सुचारु होने के बाद ही यात्रा को सामान्य रूप से संचालित किया जाएगा।

गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में एक दिन पहले भी पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से पठाली गांव निवासी मोहन तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। लगातार हो रही पत्थरबाजी के चलते चीरबासा क्षेत्र श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है।