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बेटी टेलर के साथ भागी तो माता पिता ने छोड़ दिया शहर,पिता का सपना हुआ चकनाचूर

बेटी टेलर के साथ भागी तो माता पिता ने छोड़ दिया शहर,पिता का सपना हुआ चकनाचूर

हल्द्वानी : उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर के मुखानी इलाके से एक बेहद भावुक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 19 वर्षीय युवती, जो स्थानीय जीजीआईसी स्कूल में पढ़ाई कर रही थी, अपने सिलाई सीखने वाले 45 वर्षीय मुस्लिम टेलर के प्यार में इतना पागल हो गई कि उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। इस घटना ने न सिर्फ माता-पिता को मानसिक रूप से तोड़ा है, बल्कि पूरे समाज में इंटरफेथ रिलेशनशिप और बच्चों की जिद के बीच माता-पिता की मजबूरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

घटना कैसे शुरू हुई और परिवार में तनाव कब बढ़ा?

19 वर्षीय इस छात्रा का रोजाना स्कूल के बाद पास ही स्थित एक मुस्लिम टेलर की दुकान पर सिलाई सीखने जाना तय था। पिता का सपना था कि बेटी पढ़ाई के साथ-साथ कोई हुनर भी सीख ले, ताकि भविष्य में खुद कमाकर अपने पैरों पर खड़ी हो सके। पिता सड़क किनारे सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। दिन-रात की मेहनत के बावजूद उन्होंने बेटी और बेटे दोनों को अच्छी शिक्षा दिलाने की पूरी कोशिश की। लेकिन वही टेलर, जिसके पास बेटी को हुनर सीखने भेजा गया, धीरे-धीरे उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा तूफान बन गया।

धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती प्यार में बदल गई। जब इस बात की भनक माता-पिता को लगी तो उन्होंने बेटी को समझाने की हर संभव कोशिश की। पढ़ाई पर फोकस करने, भविष्य संवारने और इस रिश्ते से दूर रहने की बार-बार सलाह दी। लेकिन बेटी किसी भी बात पर राजी नहीं हुई। वह लगातार उसी व्यक्ति के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। घर का माहौल पूरी तरह से खराब हो गया। रोजाना झगड़े, चीख-पुकार और तनाव का माहौल बन गया।

 

26 फरवरी को घर छोड़ने के बाद क्या हुआ?

26 फरवरी को छात्रा रोज की तरह स्कूल गई, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। परिवार में हड़कंप मच गया। पिता ने तुरंत पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और टेलर पर शक जताया। पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों को राजपुरा क्षेत्र से पकड़ लिया। लेकिन यहां भी छात्रा ने माता-पिता के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि वह अब उसी व्यक्ति के साथ रहना चाहती है।

 

मामला और गंभीर तब हुआ जब शुक्रवार को आरटीओ चौकी में माता-पिता ने बेटी को समझाने की एक और कोशिश की। लेकिन वहां छात्रा ने गुस्से में आकर अपनी मां को थप्पड़ मार दिया। यह घटना माता-पिता के लिए आखिरी झटका साबित हुई। मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके माता-पिता ने हल्द्वानी छोड़ने का फैसला कर लिया और अपने मूल गांव बरेली वापस लौट गए।

 

पिता का दर्द और जीवन भर की मेहनत पर पानी

मीडिया से बातचीत में पिता ने अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया, “मैं सड़क किनारे सब्जी बेचकर दोनों बच्चों को पढ़ा रहा था। सपना था कि बेटी अच्छी नौकरी करेगी, घर-परिवार संभालेगी। लेकिन आज उसकी एक जिद ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।” पिता की आंखों में आंसू और आवाज में कांपना देखकर किसी का भी दिल पसीज सकता है।