Bagchhat

आपके मन को कर दे बगछट

चारधाम मॉक ड्रिल में शामिल नहीं किया गया आतंकी हमला, जानिए कहां-कहां मिली खामियां

चारधाम मॉक ड्रिल में शामिल नहीं किया गया आतंकी हमला, जानिए कहां-कहां मिली खामियां

पहलगाम टेररिस्ट अटैक के बाद उत्तराखंड चारधाम यात्रा की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो गई है. यही वजह है कि यात्रा में प्राकृतिक आपदा, भीड़ नियंत्रण के साथ सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल की गई. मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, एसएसबी, सीआईएसएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के साथ कई विभागों की टीमें थीं. मॉक ड्रिल के दौरान गढ़वाल मंडल के उन चार जिलों में जहां पर चार धाम यात्रा का प्रेशर सबसे ज्यादा रहता है, वहां अलग-अलग तरह की दुर्घटनाओं का सिनेरियो क्रिएट किया गया.

मॉक ड्रिल के दौरान चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून में आपदा प्रबंधन ने रेस्क्यू और रिस्पांस की तैयारी को परखा. हालांकि इस मॉक ड्रिल के दौरान कहीं भी आतंकी हमले जैसी घटनाओं को शामिल नहीं किया गया. मॉक ड्रिल के मौके पर आपदा प्रबंधन सचिव विनोद सुमन ने कहा कि उत्तराखंड आपदा प्रबंधन लगातार अपनी कार्य प्रणाली में सुधार कर रहा है और लगातार रिस्पांस टाइम को कम कर रहा है.

रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, ऋषिकेश और देहरादून को मिलाकर कुल 15 जगहों पर मॉक ड्रिल की गई. ग्राउंड जीरो में तो कर्मचारी मॉक ड्रिल में शामिल थे. लेकिन कुछ जगहों और वॉर रूम में अधिकारी गायब रहे. एनडीएमए के अधिकारी मेजर जनरल सुधीर बहल ने कहा कि निश्चित तौर से चारधाम यात्रा उत्तराखंड सरकार के लिए एक बड़ा टास्क रहता है. इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा शासन प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को भी जागरूक रहने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान कुछ कमियां भी जरूर नजर आई. हालांकि इन पर लगातार काम किया जा रहा है. इन कमियों को चिन्हित किया गया है और भविष्य में इन पर सुधार किया जाएगा.

रुद्रप्रयाग में आयोजित की गई मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों की समन्वित भागीदारी रही. जिसमें रिकॉर्ड समय में राहत एवं बचाव कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. ड्रिल के अंतर्गत जनपद के तीन प्रमुख स्थानों केदारनाथ हेलीपैड, केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर स्थित चीरबासा और फाटा डोलिया देवी में दैवीय आपदा की कृत्रिम स्थितियां तैयार की गईं.

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को समय पर सूचित किया गया कि फाटा डोलिया देवी क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा के कारण भूस्खलन होने से एक टेंपो ट्रैवलर मलबे में दब गया है. वाहन में 13 यात्री सवार थे, जो सोनप्रयाग की ओर जा रहे थे. सूचना मिलते ही आपदा राहत टीमें त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद आपदा राहत एवं बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी 13 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला.

दूसरे घटनाक्रम में केदारनाथ यात्रा मार्ग के चीरबासा क्षेत्र से कॉल प्राप्त हुई कि अतिवृष्टि एवं संभावित बादल फटने की घटना के चलते चट्टानें गिर गई हैं, जिससे कुछ तीर्थयात्री मलबे में दब गए हैं. इसके बाद राहत एवं बचाव दल सक्रिय हो गया और घटनास्थल पर पहुंचकर दबे लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया गया. राहत एवं बचाव दल ने कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को मलबे से बाहर निकाल दिया है. तीसरे घटनाक्रम में एक हेलीकॉप्टर फाटा से 6 यात्रियों को लेकर केदारनाथ जा रहा था, जिसमें लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी होने के कारण रोटर की तेज हवाओं से एक ढीली तिरपाल टकराने के कारण हेली का संतुलन बिगड़ गया, जिससे हेलीकॉप्टर को हेलीपैड से इतर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. हेलीकॉप्टर में 6 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे. घटना की सूचना मिलते ही चिकित्सा दल सहित अन्य राहत इकाईयां घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को रेस्क्यू कर निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया गया.

इस संपूर्ण मॉक ड्रिल के संचालन के लिए स्टेजिंग एरिया सोनप्रयाग पार्किंग को केंद्र बनाया गया था. ऑपरेशन सेक्शन की कमान पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर के हाथों में थी, जबकि स्टेजिंग एरिया मैनेजर की भूमिका लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ के अधिशासी अभियंता आरपी नैथानी ने निभाई. ट्रांसपोर्टेशन ब्रांच का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कर रहे थे.

रेस्क्यू टीमों में जिला आपदा प्रतिक्रिया बल और युवा मंगल दल के 10-10 जवान, 6 सदस्यीय पुलिस बल और एनडीआरएफ की एक सब-टीम शामिल रही. इंसीडेंट साइट चीफ उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों के क्रम में समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है. जिससे प्रशासनिक तैयारियों की सटीकता एवं तत्परता का परीक्षण किया जा सके. उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में यह संपूर्ण ड्रिल संपन्न हुई और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया.