सूर्य किरणों ने किया रामलला का सूर्य तिलक
आज राम नवमी के शुभ अवसर पर दोपहर 12 बजे करीब चार मिनट तक सूर्य की किरणों ने रामलला का सूर्य तिलक किया। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को तैयार किया है। इसके डिजाइन को तैयार करने में टीम को पूरे दो साल लग गए थे।
महिला आरक्षी पूजा भट्ट ने गोवा मे आयोजित नेशनल फेडरेशन चैंपियनशिप कप मे पाया तीसरा स्थान
2021 में राम मंदिर के डिजाइन पर काम शुरू हुआ था।सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को इस तरह से डिजाइन किया है कि हर साल राम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे करीब चार मिनट तक सूर्य की किरणें भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर पड़ें।
सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल परिणाम हुआ घोषित ,हरिद्वार की अदिति तोमर ने हासिल की 247वीं रैंक
इस निर्माण कार्य में सीबीआरआई के साथ सूर्य के पथ को लेकर तकनीकी मदद बेंगलूरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (आईआईए) की भी ली गई है। बेंगलूरु की एक कंपनी ऑप्टिका ने लेंस और ब्रास ट्यूब का निर्माण किया है।
जानिए किस तरह से हुआ राम लला का सूर्य तिलक
प्रोजेक्ट सूर्य तिलक में एक गियर बॉक्स, रिफ्लेक्टिव मिरर और लेंस की व्यवस्था इस तरह की गई है कि मंदिर के शिखर के पास तीसरी मंजिल से सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक लाया गया। इसमें सूर्य के पथ बदलने के सिद्धांतों का उपयोग किया गया। सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि, शत प्रतिशत सूर्य तिलक रामलला की मूर्ति के माथे पर अभिषेक हुआ।

More Stories
सुभाषनगर-केदारनगर-विवेकानंद नगर का संयुक्त पथ संचलन सम्पन्न, “3P” और “पंच परिवर्तन” पर विशेष बल
पुलिस हिरासत में PRD जवान ने की आत्महत्या, पुलिस महकमे में हड़कंप; SSP प्रमेन्द्र डोबाल ने शुरू की जांच
SGRR मेडिकल कॉलेज में डॉ. तनवी की संदिग्ध मौत: HOD पर मानसिक उत्पीड़न और पैसे की मांग का आरोप, महिला आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान