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देहरादून में सनसनी: SGRR मेडिकल कॉलेज की PG छात्रा की संदिग्ध मौत, विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न के आरोप 

देहरादून में सनसनी: SGRR मेडिकल कॉलेज की PG छात्रा की संदिग्ध मौत, विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न के आरोप

राजधानी देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली एक पीजी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। मृतका की पहचान एमएस (ऑप्थैल्मोलॉजी) की छात्रा डॉ. तनवी के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, डॉ. तनवी पटेलनगर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी अपनी कार में अचेत अवस्था में मिलीं। परिजनों ने कार का शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत महंत इंद्रेश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के गंभीर आरोप

मृतका के पिता डॉ. ललित मोहन (निवासी अंबाला, हरियाणा) ने कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी बेटी को मानसिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

शिकायत के मुताबिक:

  • दिसंबर 2025 में विभागाध्यक्ष बदलने के बाद छात्रा को कम अंक दिए जाने लगे
  • बार-बार फेल करने की धमकी दी जाती थी
  • फीस जमा होने के बावजूद अतिरिक्त पैसों की मांग की जा रही थी

घटना से पहले की आखिरी बातचीत

बताया जा रहा है कि घटना से पहले डॉ. तनवी ने अपने पिता से फोन पर बात कर अपनी परेशानी साझा की थी। उन्होंने रात 11:15 बजे घर आने का मैसेज भी किया था, लेकिन इसके बाद उनका संपर्क टूट गया।

परिजन अंबाला से देहरादून पहुंचे और अस्पताल मार्ग पर खड़ी कार में उन्हें अचेत अवस्था में पाया। कार अंदर से लॉक थी और अंदर मेडिकल सामग्री भी मिली।

मानसिक स्वास्थ्य का पहलू भी सामने आया

महंत इंद्रेश अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, छात्रा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा उपचार ले रही थीं और पहले भी खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर चुकी थीं।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने कोतवाली पटेलनगर में मामला दर्ज कर लिया है। एसएसआई प्रमोद शाह के अनुसार, मामले की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

यह मामला न केवल एक छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, बल्कि मेडिकल संस्थानों में छात्रों पर पड़ने वाले दबाव और कथित उत्पीड़न जैसे गंभीर सवाल भी खड़े करता है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।