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पहाड़ों के इस गांव में चाची भतीजा प्यार में हुए पागल। फिर हुआ ऐसा कांड कि दोनों की जिंदगी ही बदल गई

पहाड़ों के इस गांव में चाची भतीजा प्यार में हुए पागल। फिर हुआ ऐसा कांड कि दोनों की जिंदगी ही बदल गई।

उत्तराखंड। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के कांडई के निवासी नीरज और अंजली देवी दोनों रिश्ते में चाची भतीजे लगते हैं और दोनों के बीच घनघोर प्रेम प्रसंग चल रहा था । गांव वालों ने खुल्लमखुल्ला चल रहे इस अवैध प्रेम प्रसंग को लेकर पंचायत बुला ली और पंचायत ने दोनों पर ₹50 ,000 पचास हजार रुपए का जुर्माना लगाया लेकिन अंजलि और नीरज प्यार में इतने अंधे हो गए थे कि अंजली अपने पति और दो मासूम बच्चों को भी भूल चुकी थी।

प्यार में अंधे अंजली और नीरज ने अपनी गृहस्थी बसाने की योजना बना ली जिसके बाद दोनों घर से फरार हो गए और सीधे देहरादून पहुंच गए। दोनों के पास पैसे नहीं थे इसलिए उन्होंने एक ऐसी योजना बनाई जिसके बाद उनकी जिंदगी ही बदल गई और दोनों हवालात में पहुंच गए ।

 

योजना के मुताबिक वो एक ऐसा घर चुनने की कोशिश करने लगे जहां वो किराएदार बनकर जाएं और घरवालों की आंखों में धूल झोंककर कुछ नगदी गहने लेकर चंपत हो जाएं। आखिरकार पांच दिन की रेकी करने के बाद उन्हें देहरादून के सिद्धोवाला में एक ऐसा घर मिल गया जो एक फौजी का था । जहां गीता देवी रहती थी। दोनों ने खुद को पति पत्नी बताते हुए गीता देवी को अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसा लिया और किराएदार बनकर रहने लगे।

15 दिसंबर 2025 को गीता देवी ने पुलिस प्रशासन के पास आकर शिकायत दर्ज करवाई कि उनके घर किराएदार बनकर आए दंपति ने 12 दिसंबर 2025 को लाखों रूपये के आभूषण चोरी कर दिए हैं और फरार हो गए हैं । जिसके बाद देहरादून पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई और दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तलाशी शुरू की गई। मकान मालिक से जानकारी ली गई तो पता चला कि किराएदार की कोई जानकारी उनके द्वारा नहीं ली गई है और ना ही उनका सत्यापन किया गया है। पुलिस प्रशासन की टीम ने दोनों आरोपियों की जानकारी हासिल की तो पता चला कि वह दोनों चाची भतीजा होने के साथ ही पति-पत्नी भी हैं जिन्हे धूलकोट तिहारे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रशासन की टीम ने आरोपियों के पास से ₹8 लाख रुपये के गहने भी बरामद किए है। अब दोनों ही प्यार में अंधे चाची भतीजा हवालात में पहुंच चुके हैं।