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मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक हुई संपन्न, इन निर्णयों पर लगी मुहर 

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक हुई संपन्न, इन निर्णयों पर लगी मुहर

देहरादून : मंत्रिमंडल विस्तार के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक आज संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 16 महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। ये निर्णय राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े हैं, जिनमें कर्मचारियों का कल्याण, ऊर्जा क्षेत्र की स्थिरता, सुरक्षा व्यवस्था मजबूती, शिक्षा सुधार, कृषि समर्थन और पूर्व सैनिकों के सशक्तिकरण जैसे मुद्दे शामिल हैं।

 

धामी सरकार ने फ्री बिजली योजना, न्यायिक अधिकारियों को ई-व्हीकल छूट और पूर्व सैनिक स्वरोजगार योजना में विशेष प्रावधान किए

 

धामी सरकार ने इन फैसलों के माध्यम से न केवल कर्मचारियों और अधिकारियों की समस्याओं को दूर करने का संकल्प दिखाया है, बल्कि आम जनता, किसानों और युवाओं के हितों को भी प्राथमिकता दी है। बैठक में लिए गए निर्णय राज्य की आर्थिक मजबूती, प्रशासनिक सुधार और सेवा विस्तार को नई दिशा देंगे। आइए विस्तार से जानते हैं इन 16 फैसलों के बारे में।

 

न्याय विभाग में कर्मचारी कल्याण के बड़े कदम

 

कैबिनेट ने न्यायिक अधिकारियों को ई-व्हीकल खरीद पर ब्याज छूट देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इससे पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और न्यायिक अधिकारियों का यातायात खर्च कम होगा। साथ ही न्याय कर्मचारियों को नाममात्र ब्याज दर पर 10 लाख रुपये का सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई।

 

ये कदम न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे। कर्मचारी अब बेहतर वित्तीय सुविधाओं के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। उत्तराखंड में न्यायिक कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करता है।

 

ऊर्जा विभाग: फ्री बिजली योजना को मजबूत आधार

 

ऊर्जा विभाग के तहत फ्री बिजली योजना में सब्सिडी वसूली एक्ट को मंजूरी मिल गई है। यह एक्ट सब्सिडी की राशि की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करेगा। ऊर्जा विभाग ने सब्सिडी लाभ को 31 मार्च 2025 तक सीमित रखने का भी फैसला लिया।

 

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए

 

इससे राज्य की बिजली कंपनियों का वित्तीय संतुलन बना रहेगा। आम उपभोक्ताओं को फ्री बिजली का लाभ जारी रहेगा, लेकिन सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ नहीं पड़ेगा। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में ऊर्जा प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय दूरदर्शी साबित होगा।

 

लोक निर्माण विभाग: बड़े प्रोजेक्ट्स को गति

 

लोक निर्माण विभाग (PWD) में 1 करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी प्रस्तावों को कैबिनेट ने पास कर दिया। इससे सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी आएगी। पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है।

 

वन और कार्मिक विभाग: सेवा शर्तों में सुधार

 

वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक पदों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है। यह बदलाव कार्मिक विभाग की तर्ज पर किया गया। इससे योग्य अधिकारियों को जल्दी प्रमोशन मिलेगा और वन संरक्षण कार्यों में नई ऊर्जा आएगी।

 

कार्मिक विभाग ने सिपाही और उप-निरीक्षक पदों की बढ़ी हुई आयु सीमा के बाद नियमावली में संशोधन कर दोबारा मौका देने का निर्णय लिया। पुलिस, PAC, अग्निशमन सेवा और प्लाटून कर्मियों को लाभ मिलेगा।

 

गृह विभाग: सुरक्षा और कानून व्यवस्था में मजबूती

 

गृह विभाग ने 2025 में लागू होने वाली नियमावली को मंजूरी दी। उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली बनाई गई, जिससे होमगार्ड जवानों की सेवा शर्तें बेहतर होंगी।

 

भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञ नियुक्त करने की अनुमति भी दी गई। इससे पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा और कानून व्यवस्था और मजबूत होगी।

 

शिक्षा विभाग: गुणवत्ता सुधार पर फोकस

 

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एडेड स्कूलों के अध्ययन के लिए उप-समिति गठन का फैसला किया। उच्च शिक्षा विभाग में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रीमियम संबंधी प्रस्तुति पर चर्चा हुई।

 

ये कदम शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाएंगे। एडेड स्कूलों की समस्याओं का समाधान जल्द ही मिलेगा।

 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति: किसानों को मजबूत समर्थन

 

खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्य से 2.2 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद का लक्ष्य तय किया। गेहूं और धान खरीद पर केंद्र सरकार जितना प्रतिशत मंडी शुल्क दे रही है, उतना ही राज्य सरकार भी देगी।

 

यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तराखंड के किसान अब बेहतर मूल्य और समय पर भुगतान की उम्मीद कर सकते हैं।

 

उद्यमिता योजनाओं में पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता

 

उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 10 प्रतिशत लक्ष्य पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए रिजर्व रखा जाएगा। साथ ही इन लाभार्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।

 

यह निर्णय राष्ट्र सेवा करने वाले जवानों के पुनर्वास को नई दिशा देगा। युवा पूर्व सैनिक अब आत्मनिर्भर बनकर राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकेंगे।

 

नियोजन विभाग और विधानसभा संबंधी फैसले

 

नियोजन विभाग के अंतर्गत सेतु आयोग में ‘टच’ बनाने को स्वीकृति दी गई। पंचम विधानसभा सत्रावसान को भी मंजूरी मिल गई।

 

इन फैसलों का राज्य पर क्या प्रभाव?

 

धामी कैबिनेट के इन 16 फैसलों से उत्तराखंड सरकार की छवि कर्मचारी हितैषी और विकासोन्मुखी बनी रहेगी। ई-व्हीकल छूट से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सॉफ्ट लोन और सेवा अवधि में छूट से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। फ्री बिजली सब्सिडी एक्ट से बिजली विभाग का वित्तीय स्वास्थ्य सुधरेगा।

 

किसानों, पूर्व सैनिकों और सुरक्षा बलों को दिए गए लाभ राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना को मजबूत करेंगे। गृह विभाग के निर्णय कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाएंगे। कुल मिलाकर ये फैसले ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार करते हैं।

 

धामी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद तुरंत इन निर्णयों से साबित कर दिया कि विकास कार्य रुकेंगे नहीं। जनता इन फैसलों से सीधे लाभान्वित होगी। उत्तराखंड अब और मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहा है।