देहरादून मर्डर मिस्ट्री: इंटरनेट पर हुई दोस्ती का खौफनाक अंत, हत्या की वजह तलाश रही पुलिस
देहरादून के देवऋषि एन्क्लेव में हुई दीपक गुप्ता की सनसनीखेज हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक दीपक गुप्ता और आरोपी रोहन प्रजापति की पहचान इंटरनेट के जरिए हुई थी, जो बाद में दोस्ती में बदल गई। दोनों की उम्र में करीब 28 साल का अंतर था, जिसके चलते उनके रिश्ते की प्रकृति भी जांच के दायरे में है।
पुलिस के अनुसार, रोहन प्रजापति बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। पूछताछ में उसने बताया कि वह दीपक के बुलावे पर ही उनके घर गया था। वारदात के बाद कमरे की स्थिति और घटनास्थल से मिले साक्ष्य कई अहम सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इन्हीं तथ्यों से हत्या के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक गुप्ता का करीब सात-आठ वर्ष पहले अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था। वह मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले थे और वर्ष 2004 से देहरादून में अपने भाई-बहनों के साथ रह रहे थे। इसी दौरान उनकी रोहन से ऑनलाइन पहचान हुई थी।
बुधवार शाम मृतक की बहन मीनाक्षी ने पटेलनगर थाने में सूचना दी कि उनके भाई पर चाकू से हमला हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची तो दीपक गुप्ता कमरे में मृत अवस्था में मिले। उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए गंभीर वार के निशान थे। मौके से आरोपी रोहन प्रजापति को हिरासत में ले लिया गया। मृतक के भाई राकेश गुप्ता की शिकायत पर पटेलनगर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट हिस्ट्री और कॉल डिटेल की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, दोनों के आपसी संबंधों और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर हत्या के मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

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