ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के पैकेज आठ में सुरंग निर्माण में सफलता मिली, इंजीनीयरों में खुशी
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना पैकेज 8 में सुरंग-15 की सफल सफलता के साथ एक प्रमुख मील के पत्थर पर पहुंच गई है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के तहत कार्यरत मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) और इटाल्फेर-लोम्बार्डी जेवी के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है।
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सुरंग-15, जिसकी कुल लंबाई 7055 मीटर है, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे मार्ग का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस खंड को पूरा करना भौगोलिक दृष्टि से बड़ी चुनौती थी। टीम ने गौचर नाले पर शून्य ओवरबर्डन से लेकर गौचर शहर के आवासीय क्षेत्र के नीचे से गुजरने तक की सभी चुनौतियों को पार कर लिया। MT-05 और MT-06 के बीच कुल 2700 मीटर की ड्राइव लंबाई पूरी होने के बाद सफलता मिली।एमटी-05 के लिए 2130 मीटर की दूरी तय करने का अभियान 6 जनवरी, 2022 को शुरू हुआ, जबकि एमटी-06 के लिए 570 मीटर की दूरी तय करने का अभियान 6 जून, 2022 को शुरू हुआ। कुल अभियान 1008 दिनों में पूरा हुआ, जो जमीनी स्तर पर टीमों के समन्वित प्रयासों को दर्शाता है। परियोजना की सभी प्रमुख टीमों के संयुक्त प्रयासों से सफलता हासिल हुई।ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना एक प्रमुख बुनियादी ढांचा पहल है जिसका उद्देश्य उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। यह सफलता एक बड़ी उपलब्धि है, जो परियोजना को पूरा होने के करीब लाएगी और क्षेत्र में परिवहन नेटवर्क को बढ़ाएगी।

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