मसूरी में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, 4 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार का ऐलान, जानें कारण
मसूरीः प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के मांगों के समर्थन में मसूरी उप जिला चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया है। डॉक्टर खजान सिंह चौहान और डॉक्टर अभिनव वैदिक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) ने लंबित मांगों को लेकर चार अक्टूबर से कार्य बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
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जबकि प्रदेशभर के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी कि चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा. मांगों का समाधान न होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा. संघ ने शासन स्तर पर मांगों का समाधान न होने पर चार अक्टूबर से प्रदेश भर में कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है. तब तक डॉक्टरों का सांकेतिक विरोध जारी रहेगा. हालांकि, संघ ने अगले हफ्ते सचिवालय में लंबित मांगों पर बैठक करने का आश्वासन मिलने पर 23 सितंबर से प्रस्तावित होने वाली हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है। संघ की मांग है कि शीघ्र ही विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) और एसडीएसीपी (Special Dynamic Assured Career progression) के आदेश जारी किए जाएं. इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों को राजकीय मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर 50 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाए. अल्मोड़ा, नैनीताल और टिहरी जिला मुख्यालय व मसूरी को पूर्व की भांति दुर्गम में चिन्हित किया जाए. पीजी करने वाले डॉक्टरों को पूरा वेतन देने और दंत चिकित्सकों का समायोजन किया जाए।

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