मूल निवास और भू-कानून की मांग प्रदेश में लगातार बढ़ती ही जा रही है । 24 दिसंबर को मूल निवास और भू-कानून स्वाभिमान महारैली के बाद राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के कार्यकर्ताओं ने देहरादून सहित प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर स्थाई निवास की प्रतियां जलाई और डीएम/ एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।


राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल का कहना है कि राज्य बनने के 23 साल बाद भी उत्तराखंड अपनी अवधारणा के अनुरूप अग्रसित होने के बजाय और पीछे चला गया है।
मूल निवास छीनकर अस्थाई निवास में तब्दील कर दिया गया है तथा उत्तराखंड का भू कानून लगभग समाप्त कर दिया गया है I भूमि की अवैध खरीद फरोख्त भी चरम पर है।
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आगे उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में मूल निवास-1950 और सशक्त भू कानून को लेकर विधेयक लाया जाए तथा उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों की लंबित पड़ी 10% क्षैतिज आरक्षण का विधेयक भी पारित किया जाए। सरकार ने कई मौकों पर भू कानून और मूल निवास के लिए कदम उठाने की बात कही है लेकिन सरकार लगातार वादा खिलाफी कर रही है।
इसके अलावा उत्तराखंड राज्य के लिए आंदोलन करने वाले सभी राज्य आंदोलनकारी को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिया जाए।

यदि प्रदेश की जन भावनाओं का ख्याल रखते हुए तत्काल इन पर अमल किया जाए अन्यथा राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी निकट समय में सड़कों पर जन आंदोलन के लिए मजबूर होगी।


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